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सहानुभूति के लिए फर्जी Vigilance Notice बनवाने की Bhart Bhushan Ashu की चाल बेनकाब: Minister Tarunpreet Sondh

पंजाब सरकार में मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंध ने कांग्रेस नेता भारत भूषण आशु पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने लुधियाना पश्चिम उपचुनाव से पहले राजनीतिक सहानुभूति बटोरने के लिए खुद के खिलाफ फर्जी विजिलेंस नोटिस बनवाया। मंत्री ने इस पूरे घटनाक्रम को एक सोची-समझी साजिश बताया, जिसका उद्देश्य जनता की सहानुभूति हासिल करना और अपने ऊपर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों से ध्यान भटकाना था।

कैसे हुआ फर्जी नोटिस का पर्दाफाश?
आप सरकार के मंत्री तरुणप्रीत सोंध और पंजाब आप के कार्यकारी अध्यक्ष अमनशेर सिंह शैरी कलसी ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मामले का खुलासा किया। सोंध ने बताया कि विजिलेंस द्वारा जारी किया गया यह नोटिस दरअसल आशु की अपनी ही प्लानिंग का हिस्सा था। जांच में सामने आया कि यह नोटिस जारी करने वाला विजिलेंस एसएसपी आशु का स्कूल टाइम का दोस्त और करीबी था।

मंत्री ने आरोप लगाया कि आशु ने जानबूझकर अपने संबंधों का गलत इस्तेमाल कर यह नोटिस जारी करवाया ताकि वो खुद को एक पीड़ित के तौर पर पेश कर सकें और यह दिखा सकें कि मौजूदा सरकार उन्हें निशाना बना रही है।

स्कूल ज़मीन घोटाले से ध्यान भटकाने की कोशिश
तरुणप्रीत सोंध ने बताया कि यह फर्जी नोटिस असल में करोड़ों रुपये के स्कूल ज़मीन घोटाले से जनता का ध्यान हटाने की एक चाल थी। इस घोटाले में आशु, उनके रिश्तेदार और कुछ अन्य लोग शामिल हैं, जिन पर स्कूल के लिए आरक्षित कीमती ज़मीन का गलत इस्तेमाल करने का आरोप है।

उन्होंने कहा कि यह घोटाला सिर्फ पैसों का नहीं, बल्कि बच्चों और उनके अभिभावकों के भविष्य से जुड़ा मामला है। आज अभिभावक, छात्र और पूर्व छात्र इन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

साजिश में शामिल अफसर सस्पेंड
सोंध ने कहा कि इस साजिश में जो भी शामिल है, उसे बख्शा नहीं जाएगा। विजिलेंस का जो अधिकारी इस फर्जीवाड़े में शामिल था, उसे तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। उन्होंने दोहराया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में चल रही आप सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और किसी को भी कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा।

कांग्रेस-भाजपा पर मिलीभगत का आरोप
मंत्री सोंध ने आगे कहा कि लुधियाना पश्चिम उपचुनाव में आम आदमी पार्टी के मजबूत उम्मीदवार संजीव अरोड़ा की बढ़ती लोकप्रियता से कांग्रेस और भाजपा बौखला गई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों पार्टियों के बीच एक “अनैतिक गठबंधन” बन गया है ताकि किसी भी तरीके से आप को हराया जा सके।

उन्होंने कहा कि भाजपा अब अपने समर्थकों से अपील कर रही है कि वे आप को वोट न दें, जो इस बात का साफ संकेत है कि वे पहले ही हार मान चुके हैं।

मीडिया से अपील
तरुणप्रीत सोंध ने मीडिया से आग्रह किया कि वे इस पूरे मामले की गहराई से जांच करें और स्कूल ज़मीन घोटाले से प्रभावित छात्रों, उनके अभिभावकों और अन्य हितधारकों से बात करके सच सामने लाएं।

आम आदमी पार्टी ने साफ तौर पर यह संदेश दिया है कि वो भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगी और चाहे सामने कोई भी हो, कार्रवाई जरूर होगी। वहीं, भारत भूषण आशु पर लगे गंभीर आरोपों के बाद अब कांग्रेस पार्टी को इस मामले पर सफाई देनी होगी।

घटनाक्रम की वर्तमान स्थिति और प्रशासनिक कार्रवाई

  • विजिलेंस विभाग ने पुष्टि की है कि फर्जी नोटिस जारी करने में शामिल अधिकारी को सस्पेंड कर दिया गया है।
  • स्कूल ज़मीन घोटाले की जांच में अब कई अन्य नाम भी सामने आ रहे हैं, जिनकी भूमिका की जांच चल रही है।
  • चुनाव आयोग ने इस पूरे घटनाक्रम पर संज्ञान लिया है और रिपोर्ट मांगी है।

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