Live Updates
CM भगवंत सिंह मान को निशाना बनाने वाली फर्जी वीडियो फैलाकर अकाली दल की पंथ विरोधी और पंजाब विरोधी गतिविधियों के खिलाफ आप ने प्रदेश स्तरीय प्रदर्शन कियाPunjab भर में 6.91 लाख से अधिक महिलाओं को मिल रही आर्थिक सुरक्षा एवं सहायताPunjab सरकार द्वारा 2,437 अप्रेंटिस ट्रेनिज़ को PSPCL में सहायक लाइनमैन के रूप में भर्ती करने का निर्णय: हरपाल सिंह चीमामोदी सरकार के 12 साल आजाद भारत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखे जाएंगे: अमित शाहPSPCL में 2,437 युवाओं को मिलेगी नियुक्ति, पंजाबी भाषा परीक्षा पास करना होगा अनिवार्य: हरपाल चीमाNEET परीक्षा से पहले अरविंद केजरीवाल ने बढ़ाया छात्रों का हौसला, कहा- शांत दिमाग से दें परीक्षापंजाब सरकार ने करोड़ों रुपये के बकाया की वसूली के लिए वैट और जीएसटी डिफॉल्टरों की संपत्तियों की नीलामी शुरू की: हरपाल सिंह चीमाCM भगवंत सिंह मान को निशाना बनाने वाली फर्जी वीडियो फैलाकर अकाली दल की पंथ विरोधी और पंजाब विरोधी गतिविधियों के खिलाफ आप ने प्रदेश स्तरीय प्रदर्शन कियाPunjab भर में 6.91 लाख से अधिक महिलाओं को मिल रही आर्थिक सुरक्षा एवं सहायताPunjab सरकार द्वारा 2,437 अप्रेंटिस ट्रेनिज़ को PSPCL में सहायक लाइनमैन के रूप में भर्ती करने का निर्णय: हरपाल सिंह चीमामोदी सरकार के 12 साल आजाद भारत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखे जाएंगे: अमित शाहPSPCL में 2,437 युवाओं को मिलेगी नियुक्ति, पंजाबी भाषा परीक्षा पास करना होगा अनिवार्य: हरपाल चीमाNEET परीक्षा से पहले अरविंद केजरीवाल ने बढ़ाया छात्रों का हौसला, कहा- शांत दिमाग से दें परीक्षापंजाब सरकार ने करोड़ों रुपये के बकाया की वसूली के लिए वैट और जीएसटी डिफॉल्टरों की संपत्तियों की नीलामी शुरू की: हरपाल सिंह चीमा
1 min read

PM और RSS पर Cartoon बनाने वाले Cartoonist को Supreme Court से नहीं मिली राहत, Court Expresses Displeasure

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को लेकर बनाए गए एक आपत्तिजनक कार्टून के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कार्टूनिस्ट हेमंत मालवीय को किसी भी तरह की अंतरिम राहत देने से साफ इनकार कर दिया है। कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि कुछ कलाकार, कार्टूनिस्ट और स्टैंड-अप कॉमेडियन “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता” (Freedom of Expression) का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।

कोर्ट की कड़ी टिप्पणी
जस्टिस धूलिया की अध्यक्षता वाली बेंच ने सुनवाई के दौरान तीखा सवाल पूछा – आप ये सब क्यों करते हैं?” अदालत ने कहा कि ऐसे बयानों और पोस्ट से देश का सामाजिक सौहार्द (Social Harmony) बिगड़ सकता है, और फिर लोग माफ़ी मांग कर केस खत्म करने की कोशिश करते हैं। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि वह इस समय हेमंत मालवीय को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत (Interim Protection from Arrest) नहीं देगी।

क्या है पूरा मामला?
इंदौर के रहने वाले कार्टूनिस्ट हेमंत मालवीय पर आरोप है कि उन्होंने फेसबुक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आरएसएस और भगवान शिव से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट की थी। इसमें कार्टून, कमेंट और वीडियो शामिल थे। इसको लेकर RSS कार्यकर्ता विनय जोशी ने इंदौर के लसूड़िया थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत के अनुसार, मालवीय की पोस्ट न सिर्फ प्रधानमंत्री और संघ के खिलाफ अपमानजनक थीं, बल्कि उनका उद्देश्य हिंदू धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना भी था।

हाईकोर्ट ने पहले ही खारिज की थी ज़मानत याचिका
इससे पहले मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भी मालवीय की अग्रिम ज़मानत याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट ने कहा था कि उन्होंने “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता” का अनुचित इस्तेमाल किया है और उन्हें ऐसे संवेदनशील विषयों पर सोचसमझकर कार्टून बनाना चाहिए।

अब क्या होगा आगे?
अब यह मामला 15 जुलाई को फिर से सुप्रीम कोर्ट में सुना जाएगा, जहां यह तय किया जाएगा कि हेमंत मालवीय को अग्रिम ज़मानत (Anticipatory Bail) दी जा सकती है या नहीं। तब तक के लिए उन्हें किसी भी तरह की राहत नहीं दी गई है।

अभिव्यक्ति की आज़ादी बनाम सामाजिक ज़िम्मेदारी
यह मामला अब एक बड़ी बहस का कारण बन गया है – कि क्या कोई कलाकार या कॉमेडियन अभिव्यक्ति की आज़ादी के नाम पर कुछ भी कह या दिखा सकता है? क्या सोशल मीडिया पर धार्मिक या राजनीतिक मुद्दों पर बनाए गए मज़ाक को स्वतंत्रता माना जाए या ज़िम्मेदारी से जुड़ा मामला?

इस केस के ज़रिए एक बार फिर से ये सवाल उठ खड़ा हुआ है कि स्वतंत्रता की सीमा कहां तक होनी चाहिए?”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *