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Punjab सरकार ने 14 तहसीलदारों को किया निलंबित , मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दिए सख्त आदेश।

पंजाब। मुख्यमंत्री भगवंत मान की चेतावनी के बावजूद काम पर वापस नहीं लौटे राजस्व अधिकारी (तहसीलदार) के खिलाफ सरकार ने सख्त कदम उठाया है। पंजाब सरकार ने 14 तहसीलदारों को निलंबित कर दिया है।

मंगलवार सुबह Punjab के राजस्व अधिकारी (तहसीलदार) सामूहिक रूप से छुट्टी पर चले गए थे। इस स्थिति का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान खुद मैदान में उतरे और खरड़, बनूड़ और जीरकपुर की तहसीलों का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सख्त आदेश जारी किया, जिसमें कहा गया था कि अगर शाम पांच बजे तक रेवेन्यू ऑफिसर ड्यूटी पर नहीं लौटे, तो उनके खिलाफ सस्पेंशन ऑर्डर जारी किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि पांच बजे के बाद ड्यूटी पर वापस नहीं लौटने वाले अधिकारियों को सस्पेंशन के तहत समझा जाए। चेतावनी के बावजूद काम पर न लौटे 14 तहसीलदारों को सस्पेंड कर दिया गया है।

इन तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को किया निलंबित।

Punjab सरकार ने देर रात पांच तहसीलदारों और नौ नायब तहसीलदारों को सामूहिक छुट्टी पर जाने के कारण सस्पेंड कर दिया। जिन राजस्व अधिकारियों को सस्पेंड किया गया, उनमें जिला मोगा के बघापुराना तहसीलदार गुरमुख सिंह, नायब तहसीलदार भीम सेन, समलसर के नायब तहसीलदार अमरप्रीत सिंह, धर्मकोट के नायब तहसीलदार रमेश ढिंगरा, बढ़नी कलां के नायब तहसीलदार हमीश कुमार, निहाल सिंह वाला के नायब तहसीलदार सुखविंदर सिंह, फिरोजपुर के गुरुहरसहाय तहसीलदार राजिंदर सिंह, फिरोजपुर के नायब तहसीलदार जगतार सिंह, श्रीमुक्तसर साहिब के मलौट तहसीलदार जतिंदर पाल सिंह, श्रीमुक्तसर साहिब के नायब तहसीलदार रंजीत सिंह खैरा, बरिवाला के तहसीलदार परमिंदर सिंह, गिद्दड़बाहा के तहसीलदार कंवलदीप सिंह बराड़, गिद्दड़बाहा के नायब तहसीलदार अमृता अग्रवाल और डोडा के नायब तहसीलदार बलविंदर सिंह शामिल हैं।

यह आदेश अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग वर्मा द्वारा मंगलवार रात जारी किए गए। इन अधिकारियों को पंजाब सिविल सर्विसेज रूल्स 1970 के रूल 8 के तहत ड्यूटी पर अनुपस्थित रहने के कारण सस्पेंड किया गया।

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