Live Updates
SGPC प्रधान हरजिंदर सिंह धामी मीडिया का सामना करें और सिख संगत द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब दें: बलतेज पन्नूभगवंत मान सरकार की कल्याणकारी योजनाएं पंजाब के लोगों के सहयोग से चलती हैं, भाजपा के दबाव की चालें इन्हें रोक नहीं सकतीं: आपपंजाब सरकार कर्मचारी-हितैषी है और अदालती आदेशों का पूरा सम्मान करेगी‘मान दे मुनाफे’ मुहिम के तहत ‘आप’ विधायक घर-घर पहुंचे, पंजाबियों को सौंपा ‘गारंटी प्लस’ रिपोर्ट कार्डजमीनी स्तर पर शासन को मजबूत करने के लिए स्थानीय निकायों के लिए मजबूत वित्तीय ढांचा जरूरी: CM भगवंत सिंह मानड्रग तस्करों से फर्जी संबंध दिखा पंजाब चुनाव में ‘‘आप’’ को बदनाम करने की साजिश रच रही थी भाजपा सरकार- सौरभ भारद्वाजराजा वड़िंग, बिक्रम मजीठिया बिना जांच के फेक ऑडियो शेयर कर रहे हैं: बलतेज सिंह पन्नूSGPC प्रधान हरजिंदर सिंह धामी मीडिया का सामना करें और सिख संगत द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब दें: बलतेज पन्नूभगवंत मान सरकार की कल्याणकारी योजनाएं पंजाब के लोगों के सहयोग से चलती हैं, भाजपा के दबाव की चालें इन्हें रोक नहीं सकतीं: आपपंजाब सरकार कर्मचारी-हितैषी है और अदालती आदेशों का पूरा सम्मान करेगी‘मान दे मुनाफे’ मुहिम के तहत ‘आप’ विधायक घर-घर पहुंचे, पंजाबियों को सौंपा ‘गारंटी प्लस’ रिपोर्ट कार्डजमीनी स्तर पर शासन को मजबूत करने के लिए स्थानीय निकायों के लिए मजबूत वित्तीय ढांचा जरूरी: CM भगवंत सिंह मानड्रग तस्करों से फर्जी संबंध दिखा पंजाब चुनाव में ‘‘आप’’ को बदनाम करने की साजिश रच रही थी भाजपा सरकार- सौरभ भारद्वाजराजा वड़िंग, बिक्रम मजीठिया बिना जांच के फेक ऑडियो शेयर कर रहे हैं: बलतेज सिंह पन्नू
1 min read

Haryana : नकली बीज बेचने वालों के खिलाफ नया कानून लागू ,दो साल की सज़ा और तीन लाख रुपये तक होगा जुर्माना ।

हरियाणा। पिछले कई सालों से Haryana में किसान संगठन यह मांग कर रहे थे कि नकली बीज बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। लेकिन मौजूदा कानूनों में इस तरह के अपराधों के लिए कठोर प्रावधान नहीं थे, जिससे आरोपी आसानी से बच निकलते थे। अब हरियाणा सरकार नकली बीज बनाने और बेचने वालों के खिलाफ सख्त कानून लाने जा रही है। इस नए कानून के तहत ऐसे अपराधों को गैर-जमानती श्रेणी में रखा जाएगा।

बीज (Haryana राज्य संशोधन) अधिनियम, 2024 के तहत अगर बीज निर्माता कंपनी दोषी पाई जाती है, तो उस कंपनी के संचालन से जुड़ा व्यक्ति दो साल तक की सजा और तीन लाख रुपये तक जुर्माने का पात्र होगा। यदि कंपनी पुनः दोषी पाई जाती है, तो तीन साल तक की सजा और पांच लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकेगा। वहीं, यदि डीलर या कारोबारी दोषी पाया जाता है, तो उसे एक साल तक की सजा और 50 हजार रुपये तक जुर्माना हो सकता है। यदि वही कारोबारी फिर से पकड़ा जाता है, तो उसे दो साल तक की सजा और दो लाख रुपये तक जुर्माना हो सकता है। Haryana सरकार ने इसका ड्राफ्ट तैयार कर लिया है और सरकार की योजना है कि इसे आगामी बजट सत्र में पेश किया जाए।

बीज निरीक्षकों की जांच में आया था सामने।

पिछले कुछ वर्षों से नकली और मिलावटी बीजों का उत्पादन, संग्रहण और बिक्री में वृद्धि हुई है। बीज निरीक्षकों ने अपनी विभिन्न जांचों में यह पाया है कि कई बीज उत्पादक, डीलर और विक्रेता असली बीजों को खराब या निम्न गुणवत्ता वाले बीजों के साथ मिला कर बेचते हैं।

इस प्रकार के बीज किसानों को बेचे जा रहे हैं, जो कृषि उपज की उत्पादकता को बढ़ाने में कोई सकारात्मक परिणाम नहीं देते। इसके परिणामस्वरूप फसल उत्पादन की लागत बढ़ जाती है और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

अभी सिर्फ 500 रुपये जुर्माना।

बीज अधिनियम 1966 के वर्तमान प्रावधान काफी नरम हैं, जो इस अपराध को प्रभावी ढंग से रोकने में सक्षम नहीं हैं। इसका परिणाम यह हुआ है कि अपराधी कानून की प्रक्रियाओं का दुरुपयोग कर मिलावटी बीजों की बिक्री करते हैं। अधिनियम की धारा 19 के तहत पहली बार अपराध करने पर अधिकतम पांच सौ रुपये तक का जुर्माना लगाया जाता है, और यदि अपराधी दोबारा पकड़े जाते हैं, तो उन्हें छह महीने तक की सजा, एक हजार रुपये तक का जुर्माना, या दोनों दंड दिए जा सकते हैं। इन कमजोर प्रावधानों के कारण नकली/मिलावटी और गैर मानक बीजों की बिक्री पर रोक लगाना एक बड़ी चुनौती बन चुकी है।

सजा में यह भी प्रावधान।

Haryana सरकार ने अपने ड्राफ्ट में जो प्रावधान किए हैं, उनके तहत पहली बार दोषी पाए जाने पर बीज निर्माता कंपनी को एक साल से कम की सजा नहीं मिलेगी, और जुर्माना भी एक लाख रुपये से कम नहीं लगाया जाएगा। यदि दोषी दोबारा पकड़ा जाता है, तो उसे कम से कम दो साल की सजा और जुर्माना तीन लाख रुपये से कम नहीं देना होगा। वहीं, डीलर और व्यापारियों के मामले में न्यूनतम छह महीने की कैद और जुर्माना पचास हजार रुपये से कम नहीं होगा। यदि वे दोबारा अपराध में संलिप्त पाए गए, तो उन्हें कम से कम एक साल की सजा और एक लाख रुपये से कम का जुर्माना देना होगा।

राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में की थी घोषणा।

इस कड़े कानून की घोषणा राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने अपने अभिभाषण में 13 नवंबर को की थी। उन्होंने कहा था कि नकली खाद, बीज और कीटनाशक कृषि क्षेत्र के लिए गंभीर समस्या बन गए हैं, और Haryana सरकार इस पर रोक लगाने के लिए सख्त कानून लाएगी। इसके अलावा, किसानों को पूरी तरह से मुआवजा देने का भी प्रयास किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *