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देश के युवा और किसान सड़कों पर हैं, लेकिन बातचीत करने के बजाय, भाजपा सरकार उनकी आवाज़ दबाने के लिए बल का इस्तेमाल कर रही है: बलतेज पन्नू

आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने भाजपा की केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि उसने देश के युवाओं और किसानों को पूरी तरह से त्याग दिया है और बातचीत के बजाय ज़ुल्म का सहारा लिया है। उन्होंने कहा कि यह बहुत दुख की बात है कि आज देश के युवा और किसान दोनों सड़कों पर हैं, लेकिन मोदी सरकार ने उनकी जायज़ मांगों को अनसुना कर दिया है।

 

मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बलतेज पन्नू ने कहा कि पिछले कई हफ़्तों से छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफ़े की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर शांति से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन युवाओं ने कोई हिंसा नहीं की है, सड़कें नहीं रोकी हैं या जनता के लिए कोई परेशानी खड़ी नहीं की है। उनकी बस यही मांग है कि उनकी आवाज़ सुनी जाए। उनकी बात सुनने के बजाय, भाजपा सरकार ने बेगुनाह विद्यार्थियों पर दिल्ली पुलिस को छोड़ दिया है।

 

पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज ने कहा कि इस कार्रवाई के दौरान 13 और 14 साल की छोटी लड़कियों को भी नहीं बख्शा गया। उन्होंने कहा कि कई विद्यार्थियों घायल हुए हैं और कुछ का अभी भी हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। यह बेरहमी भरा जवाब भाजपा सरकार की विद्यार्थी विरोधी सोच को दिखाता है।

 

प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों के साथ हमदर्दी दिखाते हुए उन्होंने कहा कि आप के नेशनल कन्वीनर अरविंद केजरीवाल ने पहले ही प्रभावित विद्यार्थियों के लिए एक हेल्पलाइन नंबर जारी कर दिया है और खुद हॉस्पिटल जाकर घायलों से मिले हैं। उन्होंने कहा कि आप हर विद्यार्थी के साथ मजबूती से खड़ी है और ज़रूरत पड़ने पर हर मुमकिन कानूनी और मेडिकल मदद देगी।

 

किसानों के आंदोलन पर बात करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि केंद्र सरकार अपनी ट्रेड पॉलिसी के ज़रिए भारतीय किसानों के हितों की बलि दे रही है। उन्होंने कहा कि अमरीका के साथ प्रस्तावित ट्रेड एग्रीमेंट से भारतीय खेती, खासकर पंजाब के कॉटन उगाने वालों को बहुत नुकसान होगा।

 

बलतेज पन्नू ने कहा कि अमेरिका से इंपोर्ट होने वाला कॉटन भारतीय किसानों को मिलने वाले मिनिमम सपोर्ट प्राइस से सस्ता है। उन्होंने कहा कि जब सस्ते विदेशी खेती के प्रोडक्ट भारतीय बाज़ार में आएंगे, तो हमारे किसान आर्थिक बर्बादी की ओर बढ़ जाएंगे। भाजपा सरकार पंजाब के किसानों और देश की खेती को बर्बादी की ओर ले जा रही है।

 

उन्होंने किसानों को शांति से अपनी मांगें रखने के लिए दिल्ली जाने से रोकने के लिए केंद्र और हरियाणा की भाजपा सरकारों की भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि किसानों को शंभू बॉर्डर पर रोक दिया गया है। यह हैरानी की बात है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री लगातार पंजाब आते हैं और किसानों के साथ खड़े होने का दावा करते हैं, लेकिन वही डबल इंजन सरकार किसानों के विरोध करने के लोकतांत्रिक अधिकार को रोक रही है।

 

बलतेज पन्नू ने मांग की कि हरियाणा सरकार तुरंत शंभू बॉर्डर खोले और किसानों को शांति से दिल्ली जाने दे। उन्होंने कहा कि ये किसान कोई हथियार नहीं ले जा रहे हैं और न ही देश की राजधानी के लिए कोई खतरा पैदा कर रहे हैं। वे सिर्फ अपनी मांगें सरकार के सामने रखना चाहते हैं। हर नागरिक को शांति से विरोध करने का संवैधानिक अधिकार है।

 

पिछले किसान आंदोलन को याद करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि देश पहले ही 750 से ज़्यादा किसानों की कुर्बानी देख चुका है। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा सरकार को वही गलतियां दोहराने के बजाय इतिहास से सबक लेना चाहिए। लोकतांत्रिक आवाज़ों को दबाने से कभी भी संकट का हल नहीं होगा। अपने ही नागरिकों के रास्ते में बैरिकेड लगाने के बजाय, सरकार को सड़कें खोलनी चाहिए, किसानों से बात करनी चाहिए और उनकी जायज़ मांगों पर का हल करना चाहिए।

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