Live Updates
LPU विवाद में पुलिस की कार्रवाई तेज, अब तक 4 FIR दर्ज; हिंसा में शामिल लोगों की पहचान शुरूनानकसर संप्रदाय के प्रमुख ने ऐतिहासिक ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सम्मान (संशोधन) अधिनियम, 2026’ पारित करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सराहना कीसुरक्षा देने में नाकाम भाजपा सरकार बेटियों की आजादी पर लगा रही पाबंदी- केजरीवालअक्टूबर में जन्मी लड़कियों का स्वभाव कैसा होता है? जानें इनकी खास बातेंMercedes-Benz GLC Electric की भारत में एंट्री, 4 नवंबर को होगी लॉन्च; अक्टूबर से शुरू होगी बुकिंगआँगनवाड़ी कार्यकर्ता ‘नशा मुक्ति मित्र’ के रूप में पंजाब के ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान से जुड़ींजुलाई में SGPC सेक्रेटरी के अकाउंट से बहरीन की महिला के अकाउंट में ₹1 लाख ट्रांसफर किए गए, हरजिंदर धामी बताएं कि संगत का पैसा कहां खर्च हुआ: बलतेज पन्नूLPU विवाद में पुलिस की कार्रवाई तेज, अब तक 4 FIR दर्ज; हिंसा में शामिल लोगों की पहचान शुरूनानकसर संप्रदाय के प्रमुख ने ऐतिहासिक ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सम्मान (संशोधन) अधिनियम, 2026’ पारित करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सराहना कीसुरक्षा देने में नाकाम भाजपा सरकार बेटियों की आजादी पर लगा रही पाबंदी- केजरीवालअक्टूबर में जन्मी लड़कियों का स्वभाव कैसा होता है? जानें इनकी खास बातेंMercedes-Benz GLC Electric की भारत में एंट्री, 4 नवंबर को होगी लॉन्च; अक्टूबर से शुरू होगी बुकिंगआँगनवाड़ी कार्यकर्ता ‘नशा मुक्ति मित्र’ के रूप में पंजाब के ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान से जुड़ींजुलाई में SGPC सेक्रेटरी के अकाउंट से बहरीन की महिला के अकाउंट में ₹1 लाख ट्रांसफर किए गए, हरजिंदर धामी बताएं कि संगत का पैसा कहां खर्च हुआ: बलतेज पन्नू
1 min read

अमेरिका का बड़ा एक्शन: चीन की रिफाइनरी और 40 जहाजों पर प्रतिबंध

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कूटनीतिक रणनीति एक बार फिर आक्रामक मोड में दिख रही है. अमेरिका और ईरान के बीच नए दौर की बातचीत से ठीक पहले अमेरिका ने चीन की एक बड़ी ‘टीपॉट’ रिफाइनरी पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नया तनाव खड़ा हो गया है. अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने बताया कि डालियान स्थित हेंगली पेट्रोकेमिकल रिफाइनरी पर कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि वह ईरान से अरबों डॉलर का कच्चा तेल खरीद रही थी. इसके साथ ही ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) ने ईरान के ‘शैडो फ्लीट’ से जुड़े करीब 40 शिपिंग कंपनियों और जहाजों पर भी प्रतिबंध लगाए हैं.

ईरान पर एक्शन के लिए चीन पर शिकंजा

अमेरिका के मुताबिक, यह पूरा नेटवर्क ईरान के तेल को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का गुप्त रास्ता है. इसी के जरिए ईरानी की कमाई होती है. अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा, ‘ट्रेजरी ईरान सरकार पर फाइनेंशियल स्ट्रैंगलहोल्ड लगा रहा है और हम उन जहाजों, बिचौलियों और खरीदारों के नेटवर्क को लगातार कमजोर करेंगे जिनके जरिए ईरान अपना तेल बेचता है.’

टीपॉट रिफाइनरी क्या होती हैं?

अब सवाल उठता है कि ये ‘टीपॉट रिफाइनरी’ आखिर होती क्या है? दरअसल, चीन में छोटे और स्वतंत्र निजी तेल रिफाइनरी को ‘टीपॉट’ कहा जाता है. ये बड़ी सरकारी कंपनियों के मुकाबले छोटे पैमाने पर काम करती हैं, सीमित मुनाफे पर चलती हैं और अक्सर सस्ते या प्रतिबंधित स्रोतों से कच्चा तेल खरीदती हैं. चीन की कुल रिफाइनिंग क्षमता का करीब एक चौथाई हिस्सा इन्हीं टीपॉट रिफाइनरी के पास है. रिपोर्ट के मुताबिक, इन रिफाइनरी पर पहले भी प्रतिबंध लगाए जा चुके हैं, जिससे उन्हें कच्चा तेल खरीदने और अपने उत्पाद बेचने में दिक्कतें आई थीं. कई बार इन्हें अपने उत्पाद अलग नाम से बेचने पड़े.
इस पूरे घटनाक्रम पर चीन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. वॉशिंगटन स्थित चीनी दूतावास के प्रवक्ता ने बयान में कहा, ‘हम अमेरिका से अपील करते हैं कि वह व्यापार और टेक्नोलॉजी मुद्दों को राजनीतिक हथियार बनाना बंद करे और चीनी कंपनियों को निशाना बनाने के लिए प्रतिबंधों का दुरुपयोग न करे.’

ईरान से कितना तेल लेता है चीन?

डेटा एनालिटिक्स फर्म Kpler के मुताबिक, 2025 में ईरान के निर्यातित तेल का 80 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा चीन खरीद रहा है. ऐसे में अमेरिकी प्रतिबंध सीधे इस सप्लाई चेन को प्रभावित करते हैं. हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि छोटे स्वतंत्र रिफाइनरी पर इन प्रतिबंधों का असर सीमित रहता है, क्योंकि उनका अमेरिकी वित्तीय सिस्टम से सीधा जुड़ाव कम होता है. कुल मिलाकर, अमेरिका ने साफ कर दिया है कि वह ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के लिए अब उसके अंतरराष्ट्रीय खरीदारों को भी निशाने पर ले रहा है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *