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कांग्रेस हाईकमान को खुली चुनौती देने वाले नेताओं को गद्दार कहेंगे या वफादार, राहुल जी? — बलियावाल

कांग्रेस पार्टी द्वारा जारी की गई सूची के बाद पंजाब कांग्रेस के भीतर मचे घमासान को लेकर भाजपा पंजाब के प्रवक्ता प्रितपाल सिंह बलियावाल ने कांग्रेस नेतृत्व पर बड़े सवाल खड़े किए हैं।

बलियावाल ने कहा कि इस समय कांग्रेस पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी अब खुलकर सामने आ चुकी है। पंजाब के कांग्रेसी नेता अपनी ही हाईकमान के फैसलों को खुलेआम चुनौती दे रहे हैं, जो राहुल गांधी के नेतृत्व पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। अब राहुल गांधी को पंजाब कांग्रेस के इन नेताओं के बारे में देश और पंजाब को बताना चाहिए कि वे उन्हें गद्दार मानते हैं या वफादार?

उन्होंने कहा कि क्या कांग्रेस नेतृत्व में इतना भी दम नहीं है कि पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष की नियुक्ति से संबंधित हाईकमान के फैसले के खिलाफ खुलेआम बगावत करने वाले नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सके? या फिर अनुशासन के नियम केवल कुछ लोगों के लिए ही हैं, जबकि खुली बगावत करने वालों को इनाम दिया जाता है?

बलियावाल ने कहा कि कांग्रेस का यह अंदरूनी कलह आज पूरा पंजाब भी देख रहा है और देश भी। यह स्थिति साफ तौर पर बताती है कि कांग्रेस का मकसद पंजाब के विकास, जनता के हित और राज्य के भविष्य की चिंता करना नहीं, बल्कि केवल सत्ता प्राप्ति है। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी के नेता अपनी ही हाईकमान के फैसलों को मानने के लिए तैयार नहीं, वह पार्टी पंजाब को स्थिर नेतृत्व क्या देगी? कांग्रेस का मौजूदा हाल यह साबित करता है कि वहां संगठन से ज्यादा कुर्सी की लड़ाई, गुटबाजी और निजी महत्वाकांक्षाओं को महत्व दिया जा रहा है।

बलियावाल ने कहा कि कांग्रेस का यह “काटो-कलेश” साफ दर्शाता है कि पार्टी के लिए पंजाब के मुद्दे, युवाओं का भविष्य, किसानों की समस्याएं और राज्य का विकास कोई प्राथमिकता नहीं हैं। कांग्रेस आज भी सिर्फ सत्ता की राजनीति में उलझी हुई है, जबकि पंजाब को एक ऐसी सोच और नेतृत्व की जरूरत है जो राज्य को स्थिरता, विकास और भरोसा दे सके।

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