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7 राज्यसभा सदस्यों के दल बदल से मचा सियासी तूफान, CM मान राष्ट्रपति से मिलने को तैयार, बड़ा फैसला संभव

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्यों के भाजपा में शामिल होने का मामला अब मामला राष्ट्रपति भवन तक पहुंचने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राष्ट्रपति से मुलाकात के लिए समय मांगा है। माना जा रहा है कि वह हाल ही में भाजपा में शामिल हुए 7 राज्यसभा सदस्यों के मुद्दे को लेकर अपना पक्ष रखेंगे और इस पूरे घटनाक्रम पर संवैधानिक हस्तक्षेप की मांग करेंगे।

जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री राष्ट्रपति से यह अनुरोध कर सकते हैं कि संबंधित राज्यसभा सदस्यों को बुलाकर उनका पक्ष सुना जाए और उसके बाद नियमों के तहत उचित फैसला लिया जाए। इसके साथ ही दलबदल कानून के तहत इन सदस्यों की सदस्यता रद्द करने की मांग भी उठाई जा सकती है।सरकार का मानना है कि यह मामला लोकतांत्रिक मूल्यों और राजनीतिक नैतिकता से जुड़ा हुआ है, इसलिए इस पर स्पष्ट निर्णय जरूरी है।

राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं शुरू

उधर आम आदमी पार्टी के लिए यह घटनाक्रम बड़ा झटका माना जा रहा है। पंजाब से पार्टी के छह राज्यसभा सदस्यों का एक साथ भाजपा में शामिल होना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। इस घटनाक्रम से भाजपा की राज्यसभा में स्थिति मजबूत हुई है। खास बात यह है कि पंजाब में केवल दो विधायक होने के बावजूद भाजपा अब राज्यसभा में सात सदस्यों के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है।

सीएम की मुलाकात पर टिकी नजरें

वहीं दूसरी ओर आप के राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा ने पहले ही पार्टी का रुख साफ कर दिया है। उनका कहना है कि जब दो-तिहाई सदस्य एक साथ दल बदलते हैं तो दलबदल कानून लागू नहीं होता। इस बयान के बाद कानूनी बहस भी तेज हो गई है और विशेषज्ञ अलग-अलग राय दे रहे हैं।

अब सबकी नजरें मुख्यमंत्री भगवंत मान की संभावित राष्ट्रपति से मुलाकात पर टिकी हैं। अगर यह मुलाकात होती है तो आने वाले दिनों में इस पूरे मामले पर कोई बड़ा संवैधानिक फैसला सामने आ सकता है, जो पंजाब की सियासत की दिशा तय करेगा।

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