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अकाली दल की कादियां में रैली Punjab को बचाने के लिए नहीं बल्कि सुखबीर को बचाने के लिए थी: जगरूप सिंह सेखवां

आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के वरिष्ठ नेता Jagrup Singh Sekhwan ने विधायक गुरदीप सिंह रंधावा के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिरोमणि अकाली दल (बादल) द्वारा कादियां में की गई रैली पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह रैली पंजाब या कादियां के हित में नहीं, बल्कि एक परिवार के राजनीतिक भविष्य को बचाने के लिए आयोजित की गई थी।

“यह सुखबीर बचाओ मुहिम थी”

सेखवां ने कहा कि रैली को भले ही कादियां का कार्यक्रम बताया गया, लेकिन भीड़ पूरे पंजाब से जुटाई गई थी। गुरदासपुर के सभी विधानसभा क्षेत्रों के अलावा रोपड़, लुधियाना, होशियारपुर, तरनतारन और अमृतसर से भी लोग लाए गए। उन्होंने दावा किया कि बड़े पैमाने पर भीड़ जुटाने के बावजूद अकाली दल कोई ठोस राजनीतिक बढ़त हासिल नहीं कर सका।

उन्होंने कहा कि 25-30 सरपंचों के शामिल होने के दावे किए गए, लेकिन एक भी पंचायत सदस्य अकाली दल में शामिल नहीं हुआ। “वे सिर्फ अपना पुराना कैडर ही लेकर आए थे,” सेखवां ने आरोप लगाया।

अकाली दल में अंदरूनी फूट का दावा

सेखवां ने रैली में बिक्रम मजीठिया की गैरमौजूदगी को अकाली दल की अंदरूनी कलह का संकेत बताया। उन्होंने कहा कि माझा क्षेत्र की महत्वपूर्ण रैली में मजीठिया का न होना इस बात का सबूत है कि पार्टी में दो पावर सेंटर बन चुके हैं और नेतृत्व में गंभीर मतभेद हैं।

सिख संस्थाओं के व्यावसायीकरण का आरोप

सेखवां ने पूर्व जत्थेदार Giani Raghbir Singh के बयानों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि एक खास परिवार ने सिख संस्थाओं को व्यवसाय में बदल दिया है। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी से जुड़े मामलों में गड़बड़ियां हो रही हैं, गुरुद्वारों की जमीनें सस्ते दामों पर बेची जा रही हैं और धार्मिक सेवाओं का व्यापारीकरण किया जा रहा है।

“पंजाब ने 2022 में नकार दिया”

सुखबीर सिंह बादल को फिर मौका देने की मांग पर सवाल उठाते हुए सेखवां ने कहा कि बादल परिवार को पांच बार सत्ता मिली, लेकिन उस दौरान बेअदबी की घटनाएं हुईं और कई विवाद सामने आए। उन्होंने कहा कि 2022 में पंजाब की जनता ने अकाली दल को नकार दिया और अब लोग गुरुद्वारों को परिवारवाद से मुक्त देखना चाहते हैं।

टिकट वितरण पर भी सवाल

सेखवां ने कादियां से घोषित उम्मीदवार पर आपराधिक मामलों का हवाला देते हुए टिकट वितरण पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को आगे बढ़ा रही है, जबकि परंपरागत और कुर्बानी देने वाले परिवारों को नजरअंदाज किया जा रहा है।

अंत में सेखवां ने कहा कि पंजाब की मौजूदा चुनौतियां—गैंगस्टरवाद, कानून-व्यवस्था और नशे की समस्या—पूर्व सरकारों की देन हैं। उन्होंने दावा किया कि जनता अब सब समझ चुकी है और भविष्य में भी वही फैसला देगी।

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