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Delhi में Afghan Foreign Minister की Press Conference: Women Journalists की entry ban, Political और Social Media में बवाल

अफगानिस्तान के तालिबान सरकार के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्तकी की भारत यात्रा के दौरान एक बड़ी खबर सामने आई है। दिल्ली में अफगानिस्तान के दूतावास में शुक्रवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकारों को एंट्री से रोक दिया गया, जिससे सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में काफी बहस शुरू हो गई।

मुत्तकी भारत में 9 अक्टूबर से 16 अक्टूबर तक एक वीक-लॉन्ग डिप्लोमैटिक विजिट पर हैं। यह पहला हाई-लेवल डेलीगेशन है जो तालिबान के सत्ता में आने के बाद भारत आया है। अपनी यात्रा के पहले दिन, उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की और व्यापार, सुरक्षा सहयोग और मानवतावादी सहायता पर चर्चा की।

महिला पत्रकारों को क्यों रोका गया?

प्रेस कॉन्फ्रेंस में महिला पत्रकारों को शामिल नहीं किया गया, जबकि सभी ने ड्रेस कोड का सम्मान किया था। इस घटना के बाद कई पत्रकारों और सोशल मीडिया यूजर्स ने अपनी नाराजगी जताई और सवाल उठाए कि भारत की धरती पर ऐसे भेदभाव की इजाजत कैसे दी जा सकती है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

  • पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने इसे “शॉकिंग” बताया और कहा कि पुरुष पत्रकारों को महिला साथियों का समर्थन करते हुए बहिष्कार करना चाहिए था।
  • TMC नेता महुआ मोइत्रा ने ट्वीट किया कि कैसे विदेश मंत्री जयशंकर ने ऐसे भेदभाव को होने दिया, और पुरुष पत्रकारों के निष्क्रिय रहने पर सवाल उठाया।
  • कांग्रेस सांसद कार्ति पी. चिदंबरम ने कहा कि भले ही भारत को तालिबान के साथ डिप्लोमैटिक रिलेशन में रहना पड़े, लेकिन महिलाओं को अलग करना और उनका बहिष्कार करना अस्वीकार्य है।

MEA का बयान

इस घटना पर विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा कि भारत सरकार का इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोई involvement नहीं था। MEA ने साफ किया कि यह प्रेस interaction तालिबान के मंत्री द्वारा स्वतंत्र रूप से आयोजित किया गया था।

सुरक्षा और आतंकवाद पर बयान

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुत्तकी ने कहा कि अफगानिस्तान लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे आतंकवादी समूहों को अपने देश में कोई जगह नहीं देगा। उन्होंने पाकिस्तान सहित अन्य देशों से भी ऐसे आतंकवादी समूहों के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया।

भारत-अफगानिस्तान संबंध

इस दौरे के दौरान, भारत ने काबुल स्थित अपने टेक्निकल मिशन को दूतावास का दर्जा देने की घोषणा की। मुत्तकी ने इस कदम का स्वागत किया। विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि भारत अफगानिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

सोशल मीडिया और लोगों की प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर #WomenJournalists और #TalibanPressConference जैसे हॉट टॉपिक्स पर लोग अपनी नाराजगी जता रहे हैं। कई ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ भेदभाव भारत की धरती पर बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।

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