Live Updates
PSPCL में 2,437 युवाओं को मिलेगी नियुक्ति, पंजाबी भाषा परीक्षा पास करना होगा अनिवार्य: हरपाल चीमाNEET परीक्षा से पहले अरविंद केजरीवाल ने बढ़ाया छात्रों का हौसला, कहा- शांत दिमाग से दें परीक्षापंजाब सरकार ने करोड़ों रुपये के बकाया की वसूली के लिए वैट और जीएसटी डिफॉल्टरों की संपत्तियों की नीलामी शुरू की: हरपाल सिंह चीमाPunjab सरकार द्वारा कामकाजी महिलाओं के लिए राज्य में पांच वर्किंग वूमेन हॉस्टल निर्माणाधीन : डॉ. बलजीत कौरभगवंत मान सरकार के ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के तहत नशे से उबर रहे युवाओं को नई ज़िंदगी देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं पुस्तकालयअकालियों को ख्याली दुनिया से बाहर आ जाना चाहिए; सत्ता में वापसी की बजाय, अब उनकी जेल जाने की बारी आ गई है: CM भगवंत सिंह मान15 गांवों के हजारों परिवारों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी और सतलुज की बाढ़ के खतरे से स्थायी राहत मिलेगी : CM भगवंत सिंह मानPSPCL में 2,437 युवाओं को मिलेगी नियुक्ति, पंजाबी भाषा परीक्षा पास करना होगा अनिवार्य: हरपाल चीमाNEET परीक्षा से पहले अरविंद केजरीवाल ने बढ़ाया छात्रों का हौसला, कहा- शांत दिमाग से दें परीक्षापंजाब सरकार ने करोड़ों रुपये के बकाया की वसूली के लिए वैट और जीएसटी डिफॉल्टरों की संपत्तियों की नीलामी शुरू की: हरपाल सिंह चीमाPunjab सरकार द्वारा कामकाजी महिलाओं के लिए राज्य में पांच वर्किंग वूमेन हॉस्टल निर्माणाधीन : डॉ. बलजीत कौरभगवंत मान सरकार के ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के तहत नशे से उबर रहे युवाओं को नई ज़िंदगी देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं पुस्तकालयअकालियों को ख्याली दुनिया से बाहर आ जाना चाहिए; सत्ता में वापसी की बजाय, अब उनकी जेल जाने की बारी आ गई है: CM भगवंत सिंह मान15 गांवों के हजारों परिवारों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी और सतलुज की बाढ़ के खतरे से स्थायी राहत मिलेगी : CM भगवंत सिंह मान
1 min read

Haryana में मुख्यमंत्री की नाराजगी पर प्रशासनिक सचिवों को निर्देश: कैबिनेट मेमोरेंडम समय पर भेजने की चे/ता/व/नी।

Haryana के मुख्यमंत्री नायब सैनी की नाराजगी की वजह यह है कि कैबिनेट ब्रांच को भेजे जाने वाले मेमोरेंडम समय पर नहीं भेजे जा रहे हैं, जिससे मंत्रियों को उन्हें पढ़ने में कठिनाई होती है। इसके अलावा, अक्सर ये मेमोरेंडम अंतिम समय में भेजे जाते हैं, जिससे कैबिनेट बैठक में उन्हें मंजूरी के लिए रखना मुश्किल हो जाता है।

मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद, कैबिनेट ब्रांच के अधीक्षक की ओर से प्रशासनिक सचिवों को एक पत्र जारी किया गया है। इस पत्र में तीन बिंदुओं में स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं ताकि भविष्य में ऐसी समस्याएं दोबारा न हों।

यहां पढ़िए कैबिनेट ब्रांच का ऑर्डर..

लेटर में इन बिंदुओं पर फोकस करने को कहा गया..

  1. लेटर में लिखा है कि यह देखने में आता है कि प्रशासकीय सचिवों द्वारा अपने विभाग से संबंधित मेमोरेंडम समय रहते कैबिनेट ब्रांच को नहीं भिजवाए जाते हैं, लेकिन कैबिनेट से पहले लास्ट डे उन्हें एजेंडा में शामिल करवाने का अनुरोध किया जाता है। समय के अभाव के कारण मंत्रिपरिषद के सदस्यों को ऐसे मेमोरेंडम को पढ़ने का समय नहीं मिल पाता है।
  2. इस बारे कार्यालय द्वारा कैबिनेट के सामने मेमोरेंडम प्रस्तुत करने के लिए समय-समय पर हिदायतें जारी की गई हैं, जिनके अनुसार मंत्रिपरिषद की बैठक से 72 घंटे (3 दिन पहले) मेमोरेंडम कैबिनेट ब्रांच में प्राप्त हो जाना चाहिए तथा 2 दिन पहले मंत्रिपरिषद के मेंबरों, सचिव, राज्यपाल को भिजवाए जाएं।
  3. लेटर में प्रशासनिक सचिवों को हिदायत दी गई है कि भविष्य में मंत्रिपरिषद की बैठक से 72 घंटे (3 दिन पहले) ज्ञापन मंत्रीमण्डल शाखा में भिजवाना सुनिश्चित करें। 72 घंटे (3 दिन पहले) के बाद ज्ञापन को मंत्रिपरिषद की बैठक के लिए स्वीकार नहीं किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *