Live Updates
पंजाब में बेअदबी विरोधी कानून लागू होने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने श्री आनंदपुर साहिब से ‘शुक्राना यात्रा’ का किया नेतृत्वस्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कोटकपूरा में ‘शुक्राना यात्रा’ के स्वागत के लिए की बैठक की अध्यक्षता“चुनावों से पहले नफरत फैलाती है BJP”—हरपाल सिंह चीमाजालंधर में बम धमाके वाली जगह पर पहुंचे DGP गौरव यादव, दी बड़ी अपडेटसुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करने को कैबिनेट की मंजूरीलोगों को डराकर वोट लेना चाहती है बीजेपी”, धमाकों पर CM मान का बड़ा बयानअमृतसर धमाके में पाकिस्तान का हाथ? DGP गौरव यादव का बड़ा बयानपंजाब में बेअदबी विरोधी कानून लागू होने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने श्री आनंदपुर साहिब से ‘शुक्राना यात्रा’ का किया नेतृत्वस्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कोटकपूरा में ‘शुक्राना यात्रा’ के स्वागत के लिए की बैठक की अध्यक्षता“चुनावों से पहले नफरत फैलाती है BJP”—हरपाल सिंह चीमाजालंधर में बम धमाके वाली जगह पर पहुंचे DGP गौरव यादव, दी बड़ी अपडेटसुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करने को कैबिनेट की मंजूरीलोगों को डराकर वोट लेना चाहती है बीजेपी”, धमाकों पर CM मान का बड़ा बयानअमृतसर धमाके में पाकिस्तान का हाथ? DGP गौरव यादव का बड़ा बयान
1 min read

पंजाब की कानून व्यवस्था को लेकर हाई लेवल मीटिंग:CM मान की अगुवाई में बन रही स्ट्रेटजी, मुख्य सचिव व डीजीपी भी मौजूद

पंजाब पुलिस द्वारा गैंगस्टरों व अपराधियों के खिलाफ चलाए गए ऑपरेशन प्रहार 2.0 के संपन्न होने के बाद आज मुख्यमंत्री भगवंत मान कानून-व्यवस्था के मुद्दे को लेकर हाई-लेवल मीटिंग कर रहे हैं। बैठक में मुख्य सचिव और डीजीपी मौजूद हैं। इसके अलावा सभी पुलिस कमिश्नर, आईजी, डीआईजी और एसएसपी भी शामिल हैं।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर अधिकारियों से फीडबैक लिया। साथ ही ऑपरेशन का रिव्यू भी किया जा रहा है। अपराध से निपटने के लिए नई रणनीति तैयार की जाएगी। मुख्यमंत्री पहले ही साफ कर चुके हैं कि अपराध को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है।

पंजाब की कानून व्यवस्था को लेकर हाईकोर्ट सख्त

जानकारी के मुताबिक यह बैठक इसलिए भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि इन दिनों पंजाब की कानून-व्यवस्था को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट भी सख्त रुख अपनाए हुए है। लगातार दो सुनवाईयों के दौरान हाईकोर्ट ने डीजीपी से सवाल-जवाब किए हैं। कोर्ट ने साफ कहा है कि 100-100 पन्नों के जवाब नहीं, बल्कि फील्ड में काम दिखना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *