पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मोहाली में जेईई मेन्स परीक्षा पास करने वाले 369 विद्यार्थियों को सम्मानित किया। उन्होंने इस उपलब्धि को राज्य की शिक्षा व्यवस्था में आए बड़े बदलावों का नतीजा बताते हुए कहा कि अब पंजाब के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को “तारे ज़मीन पर” बताते हुए कहा कि उनकी सफलता यह साबित करती है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को अधिकार के रूप में लागू करने और लगातार सुधारों से सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदली जा सकती है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र में किए गए सुधारों का प्रमाण है।
उन्होंने आगे कहा कि पहले शिक्षा व्यवस्था बुनियादी ढांचे की कमी, पुराने सिस्टम और अवसरों की कमी से जूझ रही थी, लेकिन उनकी सरकार ने इस स्थिति को बदलने के लिए लगातार प्रयास किए हैं। अब स्कूलों में आधुनिक सुविधाएं, बेहतर माहौल और नई शिक्षण पद्धतियां लागू की जा रही हैं, जिससे विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ा है और वे प्रतिस्पर्धा में आगे आ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि शिक्षकों को बेहतर प्रशिक्षण देने के लिए उन्हें फिनलैंड और सिंगापुर जैसे देशों में भेजा जा रहा है, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीकों को अपनाकर विद्यार्थियों को और बेहतर शिक्षा दे सकें। उन्होंने कहा कि यह विद्यार्थियों के भविष्य में किया गया एक महत्वपूर्ण निवेश है।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें बड़े सपने देखने और अपने कम्फर्ट ज़ोन से बाहर निकलने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सफलता पाने के लिए जोखिम उठाना जरूरी होता है और साधारण पृष्ठभूमि कभी भी बड़ी उपलब्धि हासिल करने में बाधा नहीं बनती। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों पर अपने फैसले न थोपें, बल्कि उनकी रुचि के अनुसार उन्हें आगे बढ़ने दें।
शिक्षकों की भूमिका पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक सच्चे राष्ट्र निर्माता होते हैं और शिक्षा में कोई भी बदलाव उनके समर्पण के बिना संभव नहीं है। सरकार ने शिक्षकों का प्रशासनिक बोझ कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं, ताकि वे पूरी तरह पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
कार्यक्रम के दौरान कई विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि किस तरह सरकारी स्कूलों में बेहतर सुविधाओं और मार्गदर्शन ने उनकी सफलता में अहम भूमिका निभाई। कुछ छात्रों ने आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद अपनी मेहनत से सफलता हासिल करने की प्रेरणादायक कहानियां भी साझा कीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार “रंगला पंजाब” के विजन के तहत शिक्षा क्षेत्र में लगातार सुधार कर रही है। उनका लक्ष्य है कि हर बच्चे को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, ताकि वह देश और दुनिया में पंजाब का नाम रोशन कर सके। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में देश का नेतृत्व करेगा।
